Green Energy सेक्टर की कंपनी Waaree Energies से जुड़ी बड़ी खबर के बाद सोमवार को इस स्टॉक पर फिर से बाजार की नजरें टिक सकती हैं। कंपनी की सब्सिडियरी ने एक नई ग्रीन एनर्जी यूनिट बनाई है। ताजा नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू करीब 70% और प्रॉफिट 134% बढ़ा है, जबकि FII ने भी अपनी हिस्सेदारी दोगुनी से ज्यादा कर दी है।
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नई सब्सिडियरी से ग्रीन एनर्जी में अगला कदम
Green Energy कंपनी Waaree Energies ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद बताया कि उसकी पूरी तरह से स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Waaree Forever Energies Private Limited ने एक नई कंपनी Hydro Bloom Energy Private Limited बनाई है। यह कंपनी 18 दिसंबर 2025 को रजिस्टर्ड हुई है और IPP यानी Independent Power Producer मॉडल के तहत खास पावर प्रोजेक्ट्स को होल्ड और मैनेज करेगी। इसका मतलब है कि Waaree अब सिर्फ सोलर मॉड्यूल बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि खुद पावर प्रोजेक्ट्स की ओनर बनकर लंबी अवधि का स्थिर रेवेन्यू भी कमाना चाहती है। इससे ग्रुप का रिन्यूएबल एनर्जी सेगमेंट और ज्यादा मजबूत होगा।
इस कदम से भविष्य में कितनी कमाई की संभावना
Hydro Bloom Energy अभी शुरुआती चरण में है और ऑपरेशन शुरू नहीं हुआ है, लेकिन IPP मॉडल का सीधा मतलब है कि कंपनी अपने नाम से पावर प्रोजेक्ट्स लगाएगी और बिजली बेचकर सालों‑साल रेवेन्यू कमाएगी। यदि मान लें कि शुरुआत में कंपनी 200–250 MW के प्रोजेक्ट्स बनाती है और प्रति यूनिट औसत टैरिफ 3–4 रुपये के आसपास रहता है, तो सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये की ग्रॉस रेवेन्यू क्षमता बन सकती है। जैसे‑जैसे क्षमता बढ़ेगी, यह आय और बढ़ेगी। फिलहाल मैनेजमेंट ने कोई आधिकारिक रेवेन्यू गाइडेंस नहीं दिया है, लेकिन हाल के नतीजों और सब्सिडियरी संरचना से साफ है कि कंपनी प्रोजेक्ट‑ओनरशिप से अधिक स्थिर और उच्च मार्जिन वाला बिजनेस खड़ा करना चाहती है।
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जोरदार वित्तीय नतीजे और कंपनी की ग्रोथ
वित्त वर्ष 2025‑26 की दूसरी तिमाही में Green Energy कंपनी Waaree Energies LTD ने बेहद मजबूत नतीजे दिखाए हैं। साल‑दर‑साल तुलना में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 70% बढ़कर करीब 6,227 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी अवधि में कर बाद मुनाफा (PAT) लगभग 134% की जोरदार वृद्धि के साथ करीब 878 करोड़ रुपये तक पहुंचा। इतनी तेज ग्रोथ दिखाती है कि सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी की मांग तेजी से बढ़ रही है और कंपनी इस मौके को अच्छी तरह पकड़ रही है। बेहतर स्केल, ऑपरेटिंग लेवरेज और उच्च मार्जिन वाले उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ने से प्रॉफिटेबिलिटी में भी मजबूत सुधार देखने को मिल रहा है, जो निवेशकों के भरोसे को और बढ़ाता है।
FII हिस्सेदारी में उछाल और शेयर बाजार में अहमियत
Green Energy कंपनी Waaree Energies में विदेशी संस्थागत निवेशकों का भरोसा भी तेज़ी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही तक FII हिस्सेदारी पहले की 2.68% से बढ़कर करीब 6.35% तक पहुंच गई, यानी दो गुना से ज्यादा हो गई। प्रमोटर के पास करीब 64% और रिटेल निवेशकों के पास लगभग 27% हिस्सेदारी है, जिससे यह साफ है कि Green Energy कंपनी में संस्थागत और आम दोनों तरह के निवेशकों की मजबूत मौजूदगी है। शेयर को हाल ही में Futures & Options सेगमेंट में शामिल किया गया, और इसी खबर के बाद शुक्रवार को स्टॉक करीब 6% चढ़कर लगभग 3,057 रुपये पर बंद हुआ। मजबूत नतीजे, नई ग्रीन सब्सिडियरी और बढ़ती FII दिलचस्पी को देखते हुए बाजार में यह उम्मीद बन रही है कि सोमवार को भी स्टॉक पर खरीदारी की धारणा बनी रह सकती है, हालांकि हर निवेश की तरह इसमें भी उतार‑चढ़ाव और जोखिम मौजूद रहेंगे।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






