चीन सरकार ने Solar प्रोडक्ट्स पर निर्यात टैक्स छूट खत्म करने की घोषणा की है। 1 अप्रैल 2026 से चीनी सोलर कंपनियों को सरकारी सहायता नहीं मिलेगी। इससे चीनी सोलर सामान महंगा हो जाएगा। भारतीय सोलर कंपनियों जैसे Waaree Energies और Premier Energies के शेयर में 5% का उछाल आया। भारतीय निवेशकों को अब मजबूत विकास की उम्मीद है।
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Solar सेक्टर में यह क्या बदलाव है
भारत की सोलर मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए यह खबर बहुत अच्छी है। चीन दुनिया में Solar उपकरणों का सबसे बड़ा सप्लायर है, लेकिन अब उसकी सरकार सोलर सेल और मॉड्यूल निर्यात पर दी जाने वाली टैक्स छूट को पूरी तरह खत्म कर देगी। इसका मतलब है कि चीनी कंपनियों को अब अपने सोलर प्रोडक्ट्स को महंगे भाव में बेचने पड़ेंगे। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इससे पहले चीन की कंपनियों को सरकार 13% से 9% तक की छूट देती थी, जिससे वे सस्ती कीमत पर माल विदेशों में बेच सकते थे।
भारतीय कंपनियों को मिलेगा फायदा
यह नीति भारतीय Solar मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए बहुत बड़ा मौका है। जब चीनी प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे, तो दुनिया भर के खरीदार भारतीय सोलर कंपनियों की ओर देखेंगे। Waaree Energies भारत की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल निर्माता कंपनी है और 21% घरेलू बाजार में अपना हिस्सा रखती है। Premier Energies भी अपनी मजबूत विनिर्माण क्षमता के लिए जानी जाती है। ये दोनों कंपनियां अब ज्यादा बिक्री और मुनाफा कमा सकेंगी।
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शेयर बाजार में क्या बदलाव आया
इस खबर का असर शेयर बाजार में साफ दिखा। Waaree Energies का शेयर सोमवार को 5.4% बढ़कर लगभग ₹2,682 तक पहुंच गया, जबकि Premier Energies का शेयर 4.4% बढ़ोतरी के साथ ₹750 के आसपास रहा। निवेशकों को विश्वास है कि इन कंपनियों का मुनाफा बढ़ेगा क्योंकि अब उन्हें चीन से कम प्रतिद्वंद्विता का सामना करना पड़ेगा। भारतीय सरकार की “मेक इन इंडिया” नीति और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के कारण भी ये कंपनियां तेजी से बढ़ रही हैं।
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आने वाले दिनों में क्या होगा
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह नीति Solar सेक्टर के लिए लंबे समय तक फायदेमंद साबित होगी। हालांकि, पहली तिमाही में चीनी कंपनियों से निर्यात में तेजी आने की संभावना है, क्योंकि वे अप्रैल से पहले ज्यादा से ज्यादा माल बाहर भेजना चाहेंगे। भारत की सोलर कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं। Waaree Energies और Premier Energies दोनों ही बड़े निवेश करके अपने कारखाने विस्तृत कर रहे हैं। ये कंपनियां अगले दो साल में दोगुनी उत्पादन कर सकेंगी।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






