1770% रिटर्न देने वाले Defence Stock में लगा अपर सर्किट, कम्पनी को मिला है 90 करोड़ सालाना कमाई वाला लाइसेंस, FII ने भी बढ़ाई है हिस्सेदारी

1770% रिटर्न दे चुके Defence Stock Apollo Micro Systems में आज जोरदार तेजी दिखी। कंपनी की सहायक IDL Explosives को हाई एनर्जी डिफेंस एक्सप्लोसिव्स बनाने का अहम लाइसेंस मिला है। इस खबर के बाद शेयर में अपर सर्किट लगा और यह 237 रुपये के करीब बंद हुआ। अनुमान है कि यह लाइसेंस कंपनी को सालाना लगभग 90 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त कमाई की क्षमता दे सकता है।

Defence कंपनी को मिला 90 करोड़ कमाई की क्षमता वाला लाइसेंस

Defence कंपनी Apollo Micro Systems ने 18 दिसंबर को जानकारी दी कि उसकी सब्सिडियरी IDL Explosives को इंडस्ट्रीज (डेवलपमेंट एंड रेग्यूलेशन) एक्ट, 1951 के तहत इंडस्ट्रियल लाइसेंस मिला है। इस लाइसेंस से कंपनी HMX और TNT जैसे हाई एनर्जी डिफेंस एक्सप्लोसिव्स बना सकेगी, जो मिसाइल, आर्टिलरी और एयरोस्पेस में इस्तेमाल होते हैं। लाइसेंस के तहत IDL Explosives हर साल 50 मीट्रिक टन HMX और 500 मीट्रिक टन TNT का प्रोडक्शन कर सकती है। औसत इंडस्ट्रियल रेट को ध्यान में रखते हुए, इस क्षमता से कंपनी के लिए करीब 80–90 करोड़ रुपये सालाना रेवेन्यू उत्पन्न होने की संभावना मानी जा रही है, बशर्ते प्लांट पूरी क्षमता के करीब चले।

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लाइसेंस से बिजनेस मॉडल और सेक्टर में क्या बदलाव आएगा

अब तक Apollo Micro Systems का मुख्य फोकस डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, कंट्रोल सिस्टम और मिलिट्री प्लेटफॉर्म के लिए टेक्नोलॉजी समाधान देने पर था। नए लाइसेंस के बाद कंपनी सिर्फ सिस्टम इंटीग्रेशन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सीधे हाई एनर्जी मटेरियल भी बनाएगी। इससे Defence कंपनी का बिजनेस मॉडल मजबूत होता है, क्योंकि अब वह अपने प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी एक्सप्लोसिव खुद बना सकेगी और अतिरिक्त प्रोडक्शन बाहर के डिफेंस और इंडस्ट्री क्लाइंट्स को बेच सकेगी। इससे मार्जिन बेहतर होने और सप्लाई चेन पर कंपनी का कंट्रोल बढ़ने की उम्मीद है। यह कदम देश के “आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन” लक्ष्य के साथ भी मेल खाता है, क्योंकि HMX और TNT जैसे मटेरियल के लिए आयात पर निर्भरता घटेगी।

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Defence कंपनी की ग्रोथ, नतीजे और FII हिस्सेदारी

पिछले कुछ सालों में Apollo Micro Systems Ltd ने तेज ग्रोथ दिखाई है और शेयर ने 5 साल में करीब 1770% रिटर्न दिया है। हाल की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग दोगुना होकर करीब 31 करोड़ रुपये तक पहुंचा, जबकि रेवेन्यू में भी लगभग 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। EBITDA और मार्जिन दोनों में मजबूत सुधार आया है, जिससे कंपनी की ऑपरेटिंग क्षमता बेहतर दिख रही है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भी भरोसा बढ़ाया है और अपनी हिस्सेदारी जून तिमाही के करीब 7.16% से बढ़ाकर सितंबर तिमाही में लगभग 8.94% कर दी है। यह दिखाता है कि संस्थागत निवेशक कंपनी के लंबे समय के बिजनेस मॉडल और डिफेंस सेक्टर की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक हैं।

शेयर मार्केट में अहमियत और निवेशकों के लिए संदेश

Defence Stock में आज लगे अपर सर्किट ने फिर दिखा दिया कि डिफेंस थीम पर काम करने वाली कंपनियों में खबरों का असर कितना तेज होता है। लाइसेंस मिलने से कंपनी को एक नया रेवेन्यू सोर्स मिल गया है, जिसकी सालाना क्षमता 90 करोड़ रुपये तक मानी जा रही है, जो आने वाले सालों में और बढ़ भी सकती है अगर ऑर्डर और क्षमता विस्तार होता है। डिफेंस बजट में लगातार वृद्धि, आयात पर नियंत्रण और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की सरकारी नीति Apollo Micro Systems जैसे Smallcap स्टॉक के लिए बड़ा मौका बनाती है। हालांकि, तेज रैली के बाद वैल्यूएशन महंगा हो सकता है, इसलिए छोटे निवेशकों के लिए बेहतर होगा कि वे लंबी अवधि की सोच, रिस्क सहने की क्षमता और अपने फाइनेंशियल सलाहकार की राय लेकर ही कदम बढ़ाएं।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।​