सालभर में 1100% रिटर्न देने वाले इस शेयर का मौजूदा शेयर प्राइस लगभग 90–91 रुपये के आसपास चल रहा है और बीएसई पर 8 दिसंबर 2025 को करीब 90.5 रुपये दर्ज किया गया। स्टॉक का 52 वीक हाई लगभग 422 रुपये और 52 वीक लो करीब 7.4–7.5 रुपये के आसपास रहा है, जिससे पता चलता है कि एक साल में स्टॉक ने कई गुना रिटर्न दिया है। शेयर में तेजी के कारण पिछले कई सेशंस में इसने Upper circuit लगाया और लो लेवल से बड़ी तेजी दिखाई।
₹7 से ₹90 तक का सफर
कंपनी का शेयर कुछ समय पहले तक एक रुपये के आसपास के लो लेवल पर ट्रेड हुआ करता था और बाद में इसमें तेज रैली आई, जिसकी वजह से यह करीब 90 रुपये तक पहुंच गया। 52 वीक लो 7–8 रुपये और हाई 422 रुपये दिखाता है कि स्टॉक ने अंदर ही अंदर मल्टीबैगर जैसा मूव दिया है, हालांकि बीच में बड़ी वॉलेटिलिटी भी रही है। मार्केट कैप अब लगभग 14,400 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गई है, जो पिछले साल के मुकाबले कई गुना ज्यादा है।
कंपनी का बिजनेस और फाइनेंशियल डेटा
Elitecon International Ltd की शुरुआत 1987 में हुई थी और कंपनी पहले तंबाकू व एलाइड प्रोडक्ट्स से जुड़ी थी, बाद में इसका फोकस टेक्सटाइल फाइबर्स व होलसेल ट्रेड जैसे सेगमेंट की ओर भी गया है। वित्त वर्ष 2024–25 में कंपनी की कुल ऑपरेटिंग रेवेन्यू लगभग 297–3124 करोड़ रुपये के बीच रिपोर्ट हुई है और पिछले साल की तुलना में 400% से ज्यादा की सेल्स ग्रोथ बताई गई है। शुद्ध मुनाफा लगभग 240–250 करोड़ रुपये के आसपास और नेट प्रॉफिट मार्जिन 8–11% के रेंज में दिखता है, जिससे प्रोफिटेबिलिटी में सुधार दिख रहा है।
मल्टी-हजार करोड़ प्लान
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के स्तर के बिजनेस टारगेट और विस्तार योजनाओं पर काम करना शुरू किया है, जिसमें रेवेन्यू बढ़ाने और नए सेगमेंट में एंट्री जैसे कदम शामिल हैं। मार्केट कैप 13,700–14,800 करोड़ रुपये के बीच है और शेयर का पी/E रेशियो लगभग 60–200 के रेंज में बताया जा रहा है, जो स्टॉक को हाई वैल्यूएशन कैटेगरी में रखता है। कंपनी ने हाल में इंटरिम डिविडेंड भी दिया है, जिससे कैश फ्लो और शेयरहोल्डर रिटर्न पर उसका फोकस दिखता है।
रिस्क, वॉलेटिलिटी और हाल की गतिविधियां
स्टॉक ने 1 साल में 1 रुपये से 90 रुपये और 400 रुपये से ऊपर तक के स्तर देखे हैं, जिससे वॉलेटिलिटी बहुत ज्यादा रही है और प्राइस में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। हाई पी/E और हाई प्राइस-टू-बुक रेशियो यह संकेत देता है कि मौजूदा स्तर पर वैल्यूएशन काफी महंगा है और छोटे बदलाव पर भी शेयर प्राइस पर बड़ा असर हो सकता है। कुल मिलाकर, हाल के रेवेन्यू ग्रोथ, मल्टी-हजार करोड़ के बिजनेस प्लान, डिविडेंड और तेज प्राइस रैली की वजह से यह शेयर निवेशकों के रडार पर बना हुआ है।






