इस गिरावट में FIIs ने इन 4 शेयरोंं में किया ताबड़तोड़ खरीदारी! एक्सपर्ट बोले जल्द आएगी तुफानी तेजी

FIIs : हाल के महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव रहा है, कई स्टॉक्स अपने 52‑Week हाई से 25–35 प्रतिशत तक नीचे आ गए हैं। इसके बावजूद कुछ चुनिंदा कंपनियों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने हिस्सेदारी बढ़ाई है, क्योंकि इनके बिजनेस मॉडल, ऑर्डर बुक और कमाई की क्षमता लंबे समय के लिए मजबूत मानी जा रही है।

किन तरह के शेयरों में बढ़ी हिस्सेदारी

डेटा के अनुसार FIIs ने ऐसे स्टॉक्स पर फोकस किया है जहां मजबूत राजस्व ग्रोथ, कैपेसिटी एक्सपेंशन और लगातार ऑर्डर फ्लो दिख रहा है। इन कंपनियों में से कुछ की शेयर प्राइस अपने हाई से करीब 30 प्रतिशत तक करेक्ट हो चुकी है, लेकिन फिर भी FIIs ने तिमाही दर तिमाही अपनी होल्डिंग बढ़ाकर भरोसा दिखाया है।

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5 साल में मल्टीबैगर रिटर्न देने वाला शेयर

एक चुनी हुई कंपनी ने पिछले 5 साल में लगभग 2800 प्रतिशत तक रिटर्न दिया है, यानी जिसने शुरुआती निवेश किया, उसके पैसे कई गुना तक बढ़े हैं। सितंबर 2025 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, इस तरह के हाई‑ग्रोथ स्टॉक्स में FIIs की हिस्सेदारी 30–50 प्रतिशत के बीच तक पहुंच चुकी है, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी 25–30 प्रतिशत तक भागीदार हैं, जिससे इंस्टिट्यूशनल भरोसा साफ दिखता है।

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प्राइस करेक्शन का रोल

तेज रैली के बाद जब इन शेयरों में 25–35 प्रतिशत की गिरावट आई, तब कई ब्रोकरेज और संस्थागत इन्वेस्टर्स ने इसे बेहतर एंट्री लेवल माना। क्वार्टर‑ऑन‑क्वार्टर बढ़ती FII होल्डिंग और बेहतर ऑपरेटिंग मार्जिन के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि गिरावट को सिर्फ प्रॉफिट बुकिंग नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म ग्रोथ के बीच में आया नॉर्मल करेक्शन माना जा रहा है।

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।