Free Trade Agreement : भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को मुक्त व्यापार समझौता किया। इससे अगले 5 सालों में दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना हो जाएगा। न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। 95% सामान पर शुल्क खत्म होगा। स्वास्थ्य, IT, शिक्षा और कृषि क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा होगा।
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व्यापार समझौते की खास बातें
यह समझौता केवल 9 महीने में पूरा हुआ, जो रिकॉर्ड समय है। प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने फोन पर बात करके इसे ऐतिहासिक बताया। इस डील से भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड में 118 सेवा क्षेत्रों में काम करने की छूट मिलेगी। साथ ही 139 सेवा क्षेत्रों में भारत को सबसे पसंदीदा राष्ट्र का दर्जा मिला है। इससे भारतीय पेशेवर और कारोबारी न्यूजीलैंड के बाजार में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। यह समझौता दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती को और गहरा करेगा।
किन क्षेत्रों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
IT और सॉफ्टवेयर सेवाओं में भारतीय कंपनियों को बड़ा मौका मिलेगा क्योंकि न्यूजीलैंड को तकनीक की जरूरत है। स्वास्थ्य सेवा और आयुर्वेद में पहली बार न्यूजीलैंड ने किसी देश के साथ विशेष अनुबंध किया है, जिससे भारतीय डॉक्टर और आयुर्वेदिक उत्पाद वहां पहुंच सकेंगे। शिक्षा क्षेत्र में भारतीय छात्रों को आसानी से वीजा मिलेगा। कृषि उत्पादों, मसालों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का निर्यात बढ़ेगा। फार्मा, ऑटो पार्ट्स, रसायन और कपड़ा उद्योग को भी लाभ होगा क्योंकि शुल्क घटेगा।
निवेश से अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर यानी करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह पैसा मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण में लगेगा। इससे भारत में लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी। छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) को निर्यात के नए रास्ते मिलेंगे। भारतीय किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर दाम मिलेंगे। स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों के लिए न्यूजीलैंड में व्यापार शुरू करना आसान होगा। यह निवेश भारत की GDP बढ़ाने में मदद करेगा।
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शुल्क में कटौती से होगा बड़ा लाभ
इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड से आने वाले 95% सामान पर शुल्क खत्म या कम हो जाएगा। भारत के 57% निर्यात पर पहले दिन से ही शुल्क नहीं लगेगा। धीरे-धीरे यह बढ़कर 82% हो जाएगा। इससे भारतीय सामान न्यूजीलैंड में सस्ता होगा और बिक्री बढ़ेगी। दोनों देशों के बीच व्यापार अभी करीब 3 अरब डॉलर का है, जो 5 साल में 6 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। कुल मिलाकर यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगा।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






