India-US Trade Deal पर कल होगी अहम बातचीत, जानिए क्या है अहम मुद्दे, किन सेक्टर-कंपनियों को मिल सकता है फायदा

India-US के बीच व्यापार समझौते की बातचीत मंगलवार को होने वाली है। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि ट्रेड डील दोनों देशों के लिए बहुत जरूरी है। भारत ने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आसान रियायतें नहीं दी जाएंगी।

बातचीत का अगला दौर और अहम मुद्दे

India-US के बीच व्यापार समझौते की अगली बातचीत मंगलवार को होने वाली है। अमेरिका चाहता है कि भारत बादाम, मक्का, सेब और कुछ औद्योगिक सामानों पर ड्यूटी में छूट दे। भारत की तरफ से कहा जा रहा है कि किसानों और छोटे उद्योगों की रक्षा के लिए कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आसान रियायतें नहीं दी जाएंगी। दोनों देशों के बीच यह बातचीत लंबे समय से अटकी हुई है और अभी भी कई मुख्य मुद्दों पर असहमति बनी हुई है।

भारत के लिए चुनौतियां और टैरिफ का असर

भारत के लिए अमेरिका के ऊंचे टैरिफ एक बड़ी चुनौती हैं। India-US के कुछ निर्यात पर 50 फीसदी तक का भारी टैरिफ लगा रखा है, जिससे भारतीय निर्यातकों को नुकसान हुआ है। अमेरिका के एक प्रस्तावित बिल में रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक का टैरिफ लगाने की बात है, जिससे भारत को भी असर हो सकता है। भारत सरकार इस पर नजर रख रही है और अपनी 1.4 अरब आबादी के लिए सस्ती ऊर्जा की जरूरत को भी ध्यान में रख रही है।

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India-US संबंध और ट्रेड डील का महत्व

अमेरिका का कहना है कि India-US व्यापार समझौता दोनों देशों के रिश्तों के लिए बहुत जरूरी है। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत एक बड़ा देश है, इसलिए इसे अंजाम तक पहुंचाना आसान नहीं है, लेकिन दोनों देश इस दिशा में दृढ़ हैं। दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इस बातचीत के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे की भी चर्चा है, जिससे ट्रेड डील को राजनीतिक महत्व मिल सकता है।

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कौन से सेक्टर और कंपनियों को फायदा होगा

अगर India-US के बीच ट्रेड डील बनती है, तो सबसे ज्यादा फायदा आईटी, सॉफ्टवेयर, फार्मा, जेम्स एंड ज्वेलरी, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को होगा। आईटी कंपनियां जैसे TCS, Infosys, Wipro और HCLTech को अमेरिकी बाजार में ज्यादा ऑर्डर मिल सकते हैं। फार्मा कंपनियां जैसे Sun Pharma, Dr Reddy’s, Cipla और Lupin को अमेरिका में जेनेरिक दवाओं की बिक्री बढ़ने का फायदा मिलेगा। जेम्स एंड ज्वेलरी कंपनियां जैसे Tanishq, PC Jeweller और छोटे एक्सपोर्टर्स को भी अमेरिका में बेहतर मार्केट एक्सेस मिल सकता है।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।​