Ola Electric के शेयर में पिछले 5 दिनों में 10% की तेजी आई है। कंपनी को सरकार से ₹366.78 करोड़ का PLI इंसेंटिव मिला है। यह इंसेंटिव FY25 की बिक्री पर आधारित है। कंपनी की लोकल मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर नजरें हैं। शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
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Ola Electric का विस्तार और सरकारी समर्थन
Ola Electric को भारी उद्योग मंत्रालय से ₹366.78 करोड़ का इंसेंटिव मिला है। यह रकम PLI-Auto स्कीम के तहत FY25 की बिक्री के लिए दी गई है। यह इंसेंटिव कंपनी की लोकलाइजेशन, स्केल और वर्टिकली इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग में मजबूती को दिखाता है। कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी विकसित करने के लिए लगातार काम कर रही है।
कंपनी का बिजनेस मॉडल और सेक्टर अवसर
Ola Electric Ltd इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाती है। कंपनी अपनी फैक्ट्री में बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पार्ट्स भी बनाती है। सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा दे रही है, जिससे इस सेक्टर में बड़ी ग्रोथ की संभावना है। PLI स्कीम से कंपनियों को लोकल प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के लिए इंसेंटिव मिलता है।
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वित्तीय मजबूती और निवेशक भरोसा
PLI इंसेंटिव मिलने से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। इस रकम का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट में होगा। कंपनी का मार्केट कैप 14.80 हजार करोड़ रुपये है। शेयर 5 दिनों में 10% चढ़े हैं, लेकिन पिछले 6 महीने में 18.40% और 1 साल में 62.27% गिरे हैं। निवेशकों को उम्मीद है कि इंसेंटिव मिलने से शेयर की गिरावट का रुख बदल सकता है।
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शेयर बाजार पर असर और भविष्य की संभावनाएं
PLI इंसेंटिव मिलने के बाद शेयर बाजार में ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में तेजी आई है। कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर नजरें हैं। भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मांग बढ़ने से आने वाले सालों में कंपनी को बड़ा फायदा मिल सकता है। निवेशकों के लिए यह सेक्टर लंबी अवधि में अच्छा मौका देता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






