Railway PSU RITES Limited भारत की सबसे बड़ी रेलवे इंजीनियरिंग कंपनी है। हाल ही में इसने बोत्सवाना देश के साथ एक बड़ा समझौता किया है जिससे सोमवार को बाजार खुलते ही Railway PSU Stock में तेजी देखने को मिल सकती है। छोटे निवेशकों और विदेशी संस्थाओं दोनों ने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। सितंबर तिमाही में घरेलू निवेशकों ने 21 लाख से ज्यादा शेयर खरीदे हैं। कंपनी की आय भी तेजी से बढ़ रही है और यह अब 9 हजार करोड़ रुपये का ऑर्डर पोर्टफोलियो संभाल रही है।
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बोत्सवाना के साथ ऐतिहासिक समझौता
Railway PSU कंपनी RITES ने 19 दिसंबर 2025 को बोत्सवाना की सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौते के तहत RITES उस देश के रेलवे और परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाएगी। कंपनी ट्रेनों की खरीद, उन्हें लगाना, मरम्मत करना और संचालन संभालेगी। साथ ही RITES रेलवे की प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करेगा। यह सहयोगिता न केवल रेल तक सीमित है बल्कि सड़क, पुल, हवाई अड्डे और इमारतों जैसे अन्य परिवहन परियोजनाओं पर भी काम करेगा।
तकनीकी ज्ञान और प्रशिक्षण का निर्यात
इस समझौते के अंतर्गत RITES बोत्सवाना को उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रदान करेगा। कंपनी तकनीकी ज्ञान साझा करेगी, गुणवत्ता जांच करेगी और आधुनिक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का उपयोग करके ट्रेन संचालन को बेहतर बनाएगी। यह समझौता RITES के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कंपनी अब 55 देशों में अपने काम कर रही है। विदेशों में परिवहन परियोजनाएं RITES की आय का एक मजबूत स्रोत बन गई हैं और सितंबर तिमाही में निर्यात आय में शानदार वृद्धि हुई है।
आय और लाभ में तेजी की गति
Railway PSU कंपनी RITES की आर्थिक कार्यप्रदर्शन शानदार रहा है। सितंबर 2025 की तिमाही में कंपनी का लाभ 32 प्रतिशत बढ़ा और 109 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। राजस्व 549 करोड़ रुपये रहा जो साल दर साल 1.5 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी की कमाई से पहले मुनाफा 31.6 प्रतिशत बढ़ा। सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी की परामर्श सेवाएं और निर्यात बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं जो भविष्य में और भी ज्यादा आय लाएंगे।
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निवेशकों का भरोसा और रिकॉर्ड आर्डर
छोटे निवेशकों ने RITES ltd में अपनी आस्था जताई है। जून से सितंबर तक इन निवेशकों ने 21 लाख से अधिक शेयर खरीदे। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। सबसे खास बात यह है कि कंपनी का ऑर्डर बुक अब 9090 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है जो एक नया रिकॉर्ड है। इसका मतलब है कि आने वाले सालों में कंपनी के पास काम की कोई कमी नहीं रहेगी और आय लगातार बढ़ती रहेगी।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






