केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में 89,780 करोड़ रुपये की 38 Railway परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें नई रेल लाइनें, पटरियों का दोहरीकरण और मुंबई लोकल का आधुनिकीकरण शामिल है। कुल 5,098 किलोमीटर पटरी का निर्माण होगा। 238 नई ट्रेन रेकें खरीदी जाएंगी। भारतीय Railway कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।
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Indian Railway Construction Limited को मिलेगा सबसे बड़ा काम
Indian Railway Construction Limited (IRCL) इन परियोजनाओं में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यह कंपनी 5,098 किलोमीटर की नई पटरी बिछाने का प्रमुख काम संभाल सकती है। IRCL को पटरी, स्लीपर और बैलास्ट का आपूर्ति और स्थापन का ठेका मिलेगा। कंपनी के लिए यह 89,780 करोड़ का एक बहुत बड़ा अवसर है जो अगले 5-7 सालों तक चलेगा। इन परियोजनाओं से IRCL की वार्षिक कमाई कई गुना बढ़ जाएगी। कंपनी को यह परियोजनाएं अगले दशक में लगातार राजस्व देंगी और उसके शेयर की कीमत में भी बढ़ोतरी होगी।
RITES Limited की परामर्श सेवाओं की मांग
RITES Limited भारतीय Railway की एक प्रमुख परामर्श कंपनी है। यह कंपनी परियोजनाओं की डिजाइनिंग, तकनीकी मूल्यांकन और प्रबंधन में सहायता देगी। Western Dedicated Freight Corridor जैसी परियोजनाओं में RITES की विशेषज्ञता की बहुत जरूरत पड़ेगी। बुलेट ट्रेन परियोजना में भी RITES को परामर्श देने का काम मिलेगा। कंपनी को इन परियोजनाओं से परामर्श शुल्क के रूप में सालाना 100-200 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त आय हो सकती है। इससे RITES का मुनाफा बढ़ेगा और शेयर की कीमत में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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Brahmaputra Rail Infrastructure Development Company को अवसर
Brahmaputra Rail Infrastructure Development Company और अन्य क्षेत्रीय Railway निर्माण कंपनियों को भी इन परियोजनाओं में काम मिलेगा। ये कंपनियां सड़कों और स्थानीय बुनियादी ढांचे के निर्माण में भाग लेंगी। दोहरीकरण परियोजनाओं में भी इन कंपनियों को ठेकेदारी के काम मिलेंगे। इन परियोजनाओं से इन कंपनियों की कमाई में 30-40% तक की वृद्धि हो सकती है। ये कंपनियां अपने प्रकल्पों में नई तकनीकें भी सीखेंगी जिससे उनकी भविष्य की परियोजनाओं के लिए क्षमता बढ़ेगी।
इस्पात और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के लिए लाभ
Steel Authority of India Limited (SAIL) और अन्य इस्पात कंपनियों को इन परियोजनाओं से रेल के लिए लाखों टन इस्पात की खरीदारी मिलेगी। राज्य रक्षा के तांबे और एल्यूमीनियम उत्पादों की भी मांग बढ़ेगी। पेमेंट कंडक्टर, केबल और विद्युत सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं को भी बड़े ऑर्डर मिलेंगे। इन सामग्री आपूर्तिकारी कंपनियों की वार्षिक बिक्री में 20-25% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। आने वाले 5-7 सालों में ये कंपनियां इन परियोजनाओं से राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्राप्त करेंगी।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






