VIP Industries के शेयर में बुधवार को 15% तक की तेजी आई। Smallcap कंपनी में 3.68 करोड़ शेयरों की बड़ी ब्लॉक डील हुई है, जिससे 26% हिस्सेदारी बदली। प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी कम कर रहे हैं। FII और म्यूचुअल फंड ने हिस्सेदारी बढ़ाई है।
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ब्लॉक डील और Smallcap कंपनी में बदलाव
VIP Industries में 3.68 करोड़ शेयरों की बड़ी ब्लॉक डील हुई है, जिससे Smallcap कंपनी की 26% इक्विटी का ट्रांजैक्शन हुआ है। यह डील जुलाई 2025 में घोषित की गई थी और अब पूरी हो रही है। प्रमोटर दिलीप पीरामल और उनके परिवार ने अपनी हिस्सेदारी कम करने का फैसला किया है, क्योंकि कंपनी में उत्तराधिकार की कमी है। इस डील में Multiples Private Equity, Samvibhag Securities और कुछ अन्य खरीदार शामिल हैं।
कंपनी का बिजनेस मॉडल और सेक्टर अवसर
VIP Industries LTD देश की प्रमुख लगेज और ट्रैवल एक्सेसरीज बनाने वाली कंपनी है। कंपनी VIP, Skybags, Carlton, Aristocrat, Alfa और Caprese जैसे ब्रांड्स बनाती है। इनमें स्कूल बैग, ट्रॉली, बैकपैक, सूटकेस, डफल बैग, हैंडबैग और ट्रैवल सॉल्यूशंस शामिल हैं। कंपनी के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में देशभर के 13,000 से ज्यादा पॉइंट्स ऑफ सेल हैं, जिसमें एक्सक्लूसिव स्टोर्स, मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स, डिफेंस कैंटीन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
वित्तीय मजबूती और निवेशक भरोसा
ब्लॉक डील के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 45.51% रह गई है। FII की हिस्सेदारी 6.95% और म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 13.99% हो गई है।[1] इस डील के बाद कंपनी में संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कंपनी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और ब्रांड वैल्यू अच्छी है, जिससे आने वाले सालों में बिक्री और राजस्व की अच्छी उम्मीद बनी है।
शेयर बाजार पर असर और भविष्य की संभावनाएं
ब्लॉक डील की खबर के बाद Smallcap Stock में 15% की तेजी आई, जो निवेशकों के भरोसे को दिखाती है। FII और म्यूचुअल फंड ने हिस्सेदारी बढ़ाकर कंपनी में अपनी रुचि दिखाई है। कंपनी के लगेज और ट्रैवल एक्सेसरीज सेक्टर में मजबूत पकड़ है और आने वाले सालों में इसमें ग्रोथ की अच्छी संभावना है। निवेशकों के लिए यह स्टॉक लंबी अवधि के लिए अच्छा मौका देता है।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






