अमेरिकी चिप कंपनी इंटेल और Tata Group की साझेदारी से भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और एआई पीसी मार्केट दोनों को बड़ा बढ़ावा मिलने वाला है। इस डील के तहत कुल लगभग ₹1.18 लाख करोड़ का निवेश योजनाबद्ध है, जो भारत को ग्लोबल चिप सप्लाई चेन में मजबूत जगह देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Intel–Tata Semiconductor Deal
टाटा ग्रुप गुजरात के धोलेरा में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट और असम में सेमीकंडक्टर असेंबली व पैकेजिंग (OSAT) प्लांट लगा रहा है। कुल निवेश करीब 14 अरब डॉलर यानी लगभग ₹1.18 लाख करोड़ बताया जा रहा है, जिसमें फैब और OSAT दोनों यूनिट शामिल हैं। इंटेल इस प्रोजेक्ट का पहला बड़ा कस्टमर होगा और भारत में बने चिप्स का उपयोग अपने उत्पादों के लिए करने के साथ यहां की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा।
Dholera Fab Plant Details
धोलेरा स्पेशल इंवेस्टमेंट रीजन में बन रहा टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह फैब भारत का पहला बड़े पैमाने का सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट होगा। कंपनी के प्लान के अनुसार यहां 28nm से 110nm टेक्नोलॉजी नोड्स पर चिप्स बनाने की तैयारी है, जिनका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल, डेटा स्टोरेज और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेगमेंट में होगा। शुरुआती क्षमता करीब 50,000 वेफर प्रति माह तक की बताई जा रही है और प्रोजेक्ट पर लगभग ₹91,000 करोड़ का निवेश अलग से अनुमानित है, जो बाद में मल्टी‑फैब विजन के तहत और बढ़ सकता है।
Assam OSAT Plant And Jobs
असम में बन रहा OSAT प्लांट चिप पैकेजिंग और टेस्टिंग पर फोकस करेगा, जिससे भारत ग्लोबल बैकएंड मैन्युफैक्चरिंग चेन का भी हिस्सा बनेगा। इस प्रोजेक्ट में लगभग ₹27,000 करोड़ के आसपास निवेश की बात सामने आई है और इसे 2026 के आसपास ऑपरेशनल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अलग–अलग रिपोर्ट के मुताबिक धोलेरा और असम की इन यूनिट्स से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से 40,000 से लेकर 1 लाख से ज्यादा स्किल्ड नौकरियां बनने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोकल इकॉनमी और ईकोसिस्टम दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
India AI PC And Chip Demand
IDC के ताजा आंकड़ों के अनुसार Q3 2025 में भारत का पीसी मार्केट रिकॉर्ड 4.9 मिलियन यूनिट शिपमेंट के साथ 10.1 प्रतिशत सालाना ग्रोथ पर पहुंच गया है। इसी अवधि में एआई–फोकस्ड नोटबुक्स की मांग तेज रही और अगले कुछ क्वार्टर में एआई पीसी का हिस्सा और बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है, जिससे लोकल चिप प्रोडक्शन की जरूरत और मजबूत होगी। इंटेल–टाटा की साझेदारी इसी बढ़ती डिमांड को ध्यान में रखकर की गई है ताकि भारत को उभरते एआई मैन्युफैक्चरिंग हब और टॉप पीसी मार्केट के रूप में तैयार किया जा सके।







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