Tata Steel ने तीसरी तिमाही में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। कंपनी ने 63 लाख टन स्टील का उत्पादन किया, जो पिछले साल से 12 प्रतिशत ज्यादा है। विदेशी निवेशकों (FII) को Tata की यह कंपनी इतनी पसंद आई कि उन्होंने तीसरी तिमाही में 77 लाख से ज्यादा शेयर खरीद लिए। यह Tata Steel के लिए बहुत बड़ी बात है।
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Tata Steel का रिकॉर्ड प्रोडक्शन
Tata Steel ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अपना अब तक का सबसे ज्यादा स्टील उत्पादन किया। कंपनी ने कुल 63 लाख टन कच्चा स्टील बनाया। यह उत्पादन पिछले साल की इसी अवधि से 12 प्रतिशत ज्यादा है और पिछली तिमाही से भी अधिक है। इस बड़े उत्पादन का मुख्य कारण कंपनी के जमशेदपुर और कलिंगनगर कारखानों में स्टील बनाने की क्षमता को और बेहतर बनाना था। देश में स्टील की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है, इसलिए कंपनी अपनी पूरी ताकत से उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।
घरेलू बाजार में मजबूत बिक्री
भारतीय बाजार में Tata Steel की बिक्री में शानदार बढ़ोतरी हुई है। पिछली तिमाही की तुलना में स्टील की सप्लाई 9 प्रतिशत ज्यादा हुई, और पिछले साल की तुलना में 14 प्रतिशत ज्यादा। साल के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 1.72 करोड़ टन स्टील का उत्पादन किया और ग्राहकों को 1.63 करोड़ टन स्टील सप्लाई किया। ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए स्पेशल स्टील की बिक्री रिकॉर्ड 9 लाख टन हुई, जो पिछली तिमाही से 20 प्रतिशत ज्यादा है। कार बनाने वाली कंपनियां अब Tata Steel के मजबूत स्टील को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं।
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ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की सफलता
Tata Steel के ब्रांडेड प्रोडक्ट्स जैसे Tata Tiscon, Tata Astrum और Tata Steelium की बिक्री में भी शानदार वृद्धि हुई है। इस तिमाही में कंपनी ने इन ब्रांडों के जरिए पहली बार 20 लाख टन से ज्यादा स्टील बेचा। यह पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। ये ब्रांडेड प्रोडक्ट्स सामान्य स्टील की तुलना में ज्यादा कीमत पर बिकते हैं, इसलिए कंपनी का मुनाफा मार्जिन भी बेहतर होता है। यह Tata Steel की बिजनेस स्ट्रेटेजी बहुत सही साबित हो रही है।
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विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
Tata Steel Ltd के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने तीसरी तिमाही में कंपनी के 77 लाख से ज्यादा शेयर खरीद लिए। यह संख्या दर्शाती है कि दुनिया के निवेशकों को Tata Steel में बहुत भरोसा है। वे मानते हैं कि आने वाले समय में स्टील की मांग बढ़ेगी और Tata Steel इसका सबसे बड़ा लाभार्थी होगी। देश के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास के लिए स्टील की जरूरत हमेशा बनी रहेगी, इसलिए विदेशी निवेशक इस कंपनी में दीर्घकालीन निवेश देख रहे हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






