भारत के तीन बड़े रक्षा जहाज निर्माण कंपनियों के Defence Stocks पिछले छह महीने में 25 से 27 प्रतिशत तक गिर चुकी हैं। इन Defence Stocks में Cochin Shipyard, Mazagon Dock और Garden Reach Shipbuilders शामिल हैं। हालांकि ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher का कहना है कि ये शेयर अब 22 से 41 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। तीनों के पास मजबूत आर्डर बुक और सरकारी समर्थन है।
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Cochin Shipyard की मजबूत स्थिति
Cochin Shipyard भारत का सबसे बड़ा जहाज निर्माता है और देश का इकलौता विमानवाहक पोत बनाने वाला शिपयार्ड है। कंपनी के पास 21,100 करोड़ रुपये का आर्डर बुक है जो अगले पांच साल तक का काम सुरक्षित करता है। इसके अलावा 2.85 लाख करोड़ रुपये की संभावित परियोजनाएं भी हैं। पहली तिमाही में राजस्व 38.5 प्रतिशत बढ़ा और 1,068 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी व्यावसायिक जहाज निर्माण और मरम्मत के काम में भी तेजी से बढ़ रही है। ब्रोकरेज ने Defence Stocks को 2,175 रुपये का लक्ष्य दिया है जो 41 प्रतिशत की तेजी दिखाता है।
Mazagon Dock का शानदार प्रदर्शन
Mazagon Dock भारत का एकमात्र शिपयार्ड है जो युद्धपोत और पनडुब्बी दोनों बना सकता है। दूसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 28 प्रतिशत बढ़कर 749 करोड़ रुपये हो गया। राजस्व भी 2,929 करोड़ तक पहुंच गया जो 6 प्रतिशत की वृद्धि है। कंपनी की मुनाफा दर 23.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो बहुत अच्छा संकेत है। भारतीय नौसेना की पनडुब्बी और विध्वंसक जहाज योजना में इसकी प्रमुख भूमिका है। ब्रोकरेज ने Defence Stocks को 3,200 रुपये का लक्ष्य दिया है जो मौजूदा भाव से 32.8 प्रतिशत ज्यादा है।
Garden Reach की विविध क्षमताएं
Garden Reach Shipbuilders एक बहुआयामी कंपनी है जो फ्रिगेट, कार्वेट, गश्ती पोत और शोध जहाज बनाती है। दूसरी तिमाही में राजस्व 45 प्रतिशत और मुनाफा 57 प्रतिशत बढ़ा। कंपनी के पास 20,205 करोड़ रुपये का आर्डर बुक है। विदेशी बाजार में भी कंपनी अपनी पकड़ बना रही है और बांग्लादेश व गुयाना जैसे देशों को जहाज निर्यात कर रही है। कंपनी जहाज मरम्मत का काम भी तेजी से बढ़ा रही है। ब्रोकरेज ने Defence Stocks को 2,800 रुपये का लक्ष्य दिया है जो 22 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है।
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सेक्टर में सरकारी समर्थन
भारत सरकार रक्षा जहाज निर्माण को बहुत प्राथमिकता दे रही है। आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत घरेलू शिपयार्डों को बड़े आर्डर मिल रहे हैं। नौसेना अपने बेड़े को आधुनिक बना रही है और अगले दस साल में हजारों करोड़ के जहाज खरीदेगी। तीनों कंपनियों की उत्पादन क्षमता भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी की गिरावट खरीदने का अच्छा मौका है क्योंकि लंबे समय में ये शेयर बेहतरीन रिटर्न दे सकते हैं।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






