स्मॉलकैप छोड़ Vijay Kedia का नया दांव, सिर्फ 1 साल में कर दिया पैसा डबल….

Vijay Kedia : मल्टीबैगर स्मॉलकैप स्टॉक्स चुनने के लिए मशहूर निवेशक विजय केडिया ने इस बार अलग रास्ता चुना और अपना एक हिस्सा चांदी के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Silver ETF) में लगाया। बीते लगभग एक साल में सिल्वर ETF में किया गया उनका निवेश लगभग दोगुना हो चुका है, जबकि इसी दौरान ज्यादातर इक्विटी इंडेक्स ने इतने तेज रिटर्न नहीं दिए।

सिल्वर की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर

2025 में चांदी ने कमोडिटी मार्केट में जबरदस्त तेजी दिखाई है और भारत में इसकी कीमतें 1.8–1.9 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऑल टाइम हाई के आसपास पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी स्पॉट सिल्वर पहली बार 60 डॉलर प्रति औंस से ऊपर निकल गई और कुछ दिनों में 61–62 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर दिखी। इस जबरदस्त रैली का सीधा फायदा उन निवेशकों को मिला जिन्होंने सिल्वर ETF के जरिए चांदी में एक्सपोजर लिया हुआ था।

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सिल्वर ETF ने कितना रिटर्न दिया

भारत में 2025 के दौरान कई सिल्वर ETF स्कीमों ने 90–100 प्रतिशत तक रिटर्न दिए हैं, यानी एक साल में पैसा लगभग डबल हो गया। HDFC Silver ETF और SBI Silver ETF जैसे फंड्स ने कैलेंडर ईयर 2025 में 100 प्रतिशत के आसपास रिटर्न दिखाए हैं, जबकि अन्य सिल्वर फंड ऑफ फंड्स ने भी 90 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न दिया। यही वो बैकग्राउंड है जिसमें विजय केडिया का सिल्वर ETF में निवेश महज एक साल में दोगुना हुआ।

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मांग, सप्लाई और सिल्वर की कमी

चांदी की कीमतों में रैली के पीछे सबसे बड़ा कारण इंडस्ट्रियल डिमांड मानी जा रही है, खासकर सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री से मांग तेजी से बढ़ी है। दूसरी तरफ कई रिपोर्टों के मुताबिक ग्लोबल मार्केट में सिल्वर की सप्लाई टाइट है, लंदन और दूसरे बाजारों में इन्वेंटरी लो लेवल पर है, जिस वजह से मार्केट में स्ट्रक्चरल डेफिसिट का माहौल बना हुआ है। मांग और सप्लाई के इसी गैप ने चांदी के दामों को रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई।

Exchange Traded Fund

2025 में गोल्ड और सिल्वर Exchange Traded Fund भारतीय निवेशकों के लिए पसंदीदा एसेट क्लास बनकर उभरे हैं और सिर्फ अक्टूबर 2025 में ही सिल्वर ETF में हजारों करोड़ रुपये के नेट इंफ्लो दर्ज हुए। म्यूचुअल फंड डेटा दिखाता है कि पैसिव फंड्स के कुल AUM ग्रोथ में गोल्ड और सिल्वर ETF का योगदान सबसे ज्यादा रहा, क्योंकि निवेशक इक्विटी की वोलैटिलिटी से बचते हुए प्रेशियस मेटल्स में डाइवर्सिफिकेशन तलाश रहे हैं। इसी बड़े ट्रेंड के बीच एक स्टार निवेशक के रूप में विजय केडिया ने भी सीमित हिस्से से सिल्वर ETF में दांव लगाकर 1 साल में अपना पैसा डबल किया।

Disclaimer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के साथ होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें। हम जानकारी की पूर्णता या सटीकता की गारंटी नहीं देते।