Vodafone Idea को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) बकाये पर सरकार से बड़ी राहत मिली है। कंपनी के ₹87,695 करोड़ के AGR बकाये को फ्रीज कर दिया गया है और लंबे समय के लिए किस्तों में भुगतान का नया शेड्यूल तय हुआ है। इस खबर के बाद शेयरों में तेज़ उछाल दिखा और मार्केट में कंपनी के लिए उम्मीदें फिर से बढ़ी हैं।
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AGR राहत से Vodafone Idea को कैसे मदद मिलेगी
सरकार ने Vodafone Idea के वित्त वर्ष 2007 से 2019 तक के सभी AGR बकाये को ₹87,695 करोड़ पर फ्रीज कर दिया है, यानी अब इस रकम पर आगे नया ब्याज या पेनल्टी नहीं बढ़ेगी। यह बकाया मूलधन, ब्याज, पेनल्टी और पेनल्टी पर ब्याज सब मिला कर है। अब कंपनी को यह रकम कई चरणों में लंबे समय तक किस्तों में चुकानी है। इस राहत से कंपनी पर तुरंत कैश देने का दबाव कम होगा और नेटवर्क तथा 5G जैसे निवेश पर कुछ पैसा बच सकेगा।
किस्तों में भुगतान का लंबा शेड्यूल
नए शेड्यूल के मुताबिक Vodafone Idea को मार्च 2026 से मार्च 2031 तक पहले चरण में हर साल अधिकतम ₹124 करोड़ तक भुगतान करना होगा। इसके बाद दूसरे चरण में मार्च 2032 से मार्च 2035 के बीच चार साल तक हर साल ₹100 करोड़ देना होगा। इसके बाद बची हुई AGR राशि मार्च 2036 से मार्च 2041 के बीच छह बराबर सालाना किस्तों में चुकाई जाएगी। टेलीकॉम विभाग एक कमेटी भी बनाएगा, जो AGR बकाये की दोबारा समीक्षा करेगा और तय अंतिम राशि भी 2036 से 2041 के बीच ही समान किस्तों में देनी होगी।
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शेयर में तेज़ी और कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर
AGR राहत की खबर के बाद Vodafone Idea Ltd के शेयर में लगभग 8–9% तक की तेज़ी देखी गई और ट्रेडिंग सेशन में स्टॉक अचानक सक्रिय हो गया। मार्केट के लिए यह संकेत है कि कंपनी के “बचेगी या नहीं” वाले सवाल से फोकस अब “कंपनी आगे कैसे बढ़ेगी” पर जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, AGR पर यह स्पष्टता मिलने के बाद कंपनी के लिए बैंक लोन और नया फंड जुटाना आसान हो सकता है, हालांकि कंपनी पर अभी भी स्पेक्ट्रम और दूसरे कर्ज मिलाकर करीब दो लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की देनदारी बनी हुई है।
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आगे की चुनौतियां, 5G निवेश और सेक्टर का मौका
सरकार के इस कदम से टेलीकॉम सेक्टर में तीन निजी खिलाड़ियों वाला स्ट्रक्चर बचा रह सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों के हित दोनों सुरक्षित रहेंगे। सरकार खुद भी कंपनी में लगभग 49% हिस्सेदारी रखती है, इसलिए कंपनी का टिके रहना उसके हित में भी है। अब असली चुनौती Vodafone Idea के लिए यह होगी कि वह 4G नेटवर्क मजबूत करे, 5G में समय पर निवेश करे और ग्राहकों को वापस जोड़ सके। अगर कंपनी फंड जुटाकर कैपेक्स बढ़ाती है, नेटवर्क क्वालिटी सुधरती है और प्रति यूज़र औसत आय बढ़ती है, तभी शेयर में आई मौजूदा तेजी टिकाऊ मानी जाएगी।
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और जनरल इनफॉर्मेशन के उद्देश्य से तैयार की गई है, इसे किसी भी तरह की निवेश, ट्रेडिंग या चिकित्सा सलाह नहीं माना जाए। शेयर बाज़ार में निवेश जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपने रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से परामर्श अवश्य करें।






